Monday, November 5, 2018

सबरीमाला मंदिर में दूसरे दिन भी जारी घमासान

 केरल के सबरीमाला मंदिर (सबरीमला मंदिर) में अभी भी 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर घमासान जारी है. मंगलवार की सुबह प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं ने मीडिया के लोगों को निशाना बनाया, जिसमें एक फोटो पत्रकार घायल हो गया. बता दें कि सन्निधानम या मंदिर के अंदर वाले आंगन में मंदिर द्वारा प्रतिबंधित आयु वर्ग की एक महिला के प्रवेश की खबरों के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हो गए. प्रदर्शनकारियों को ऐसी खबर मिली कि एक महिला ने मंदिर में घुसने का प्रयास किया था, जिसके बाद वहां अशांत स्थिति उत्पन हो गई. 
प्रदर्शन के बीच पत्रकारों पर पंबा बेस कैंप के पास हमले किए गये. जिसमें एक कैमरापर्सन घायल हो गया. सोमवार को इस इलाके में कानून-व्यवस्था कायम करने के लिए मंदिर परिसर में 20 कमांडो टीम और करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों के साथ-साथ एक हजार सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था. 

बता दें कि अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो दिवसीय विशेष पूजा के लिए तीन हफ्ते में दूसरी बार भगवान अयप्पा मंदिर के दरवाजे सोमवार को यहां खोले गए. आशंका थी कि मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश का विरोध करने वाले यहां प्रदर्शन कर सकते हैं. बता दें कि पम्बा वह स्थान है जहां से श्रद्धालु पर्वत चोटी पर स्थित सबरीमला मंदिर तक पांच किलोमीटर तक पैदल जाते हैं. इससे पहले, सबरीमला को लगभग किले में तब्दील कर दिया गया.


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मंदिर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी, सशस्त्र कमांडो की मौजूदगी के साथ साथ सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गये. निगरानी कैमरे और मोबाइल फोन जैमर भी लगाए सबरीमाला मंदिर के खुलने के दूसरे दिन भी मासिक धर्म की उम्र सीमा में आने वाली महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ में प्रदर्शन जारी है. पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि 52 साल की महिला ने मंदिर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की. पुलिस पूरी सुरक्षा के साथ पुलिस स्टेशन महिला और उसके बेटे को ले गई.
वायरल हुए वीडियो ने सियासत गरमा दी है. उनके बयान की टीवी चैनलों ने एक वीडियो क्लिप दिखाई, जिसमें वह कथित रूप से इस मुद्दे को पार्टी का एजेंडा बताते हुए कार्यकर्ताओं से इसे स्वर्णिम अवसर बताते हैं.वीडियो में यह भी दावा करते हुए दिखे कि सबरीमाला मंदिर के प्रमुख पुजारी  मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कन्नूर में एक जनसभा में भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भगवान अयप्पा के सच्चे भक्तों को भाजपा का ‘‘गेम प्लान'' समझना चाहिए.भगवान अयप्पा मंदिर में रजस्वला आयु-वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच, तंत्री कन्दारारू राजीवरू ने 19 अक्टूबर को धमकी दी थी कि अगर पुलिस सुरक्षा प्राप्त रजस्वला आयुवर्ग की दो महिलाओं को मंदिर परिसर तक जाने की अनुमति मिली तो वह गर्भगृह बंद कर देंगे.बाद में पुलिस इन महिलाओं को सुरक्षा में वापस ले गई थी. इन महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास किया था.वीडियो में, पिल्लै को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुजारी ने इस बारे में उनसे सलाह ली थी कि अगर महिलाएं मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास करती हैं तो अयप्पा मंदिर को बंद करना क्या अदालत की अवमानना होगा.पिल्लै ने कहा कि उन्होंने तंत्री को आश्वासन दिया था कि कोई अवमानना नहीं होगी और हजारों श्रद्धालु उनके साथ हैं.उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, "सबरीमला मुद्दा हमारे लिए स्वर्णिम अवसर है."उन्होंने यह भी दावा किया कि यह आंदोलन ‘‘भाजपा का एजेंडा'' है.    माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने पिल्लै की इन टिप्पणियों के लिए उनकी निंदा करते हुए कहा कि यह गंभीर मामला है. उन्होंने सबरीमला से संबंधित ‘‘सभी साजिशों'' और भाजपा द्वारा अपनाए गये रुख की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.    उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भाजपा द्वारा ‘‘सुनियोजित'' है और यह तथ्य ‘‘गंभीर'' है कि पार्टी पुजारी को ‘‘प्रभावित'' कर सकती है.उद्योग मंत्री ई पी जयराजन ने भाजपा पर सबरीमला में संकट पैदा करने के लिए तंत्री तथा अन्य पुजारियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया.    कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि इस वीडियो से भाजपा के असली एजेंडे का पर्दाफाश हो गया है. (इनपुट-भाषा से)ने यह धमकी देने से पहले उनसे सलाह ली थी कि अगर दस से 50 साल आयु वर्ग की महिलाओं ने प्रवेश किया तो वह मंदिर बंद कर देंगे.कोझीकोड में रविवार को आयोजित भाजपा युवा मोर्चा के एक कार्यक्रम में पिल्लै की टिप्पणियों पर माकपा नीत सत्तारूढ एलडीएफ और विपक्षी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया की. केरल उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले अधिवक्ता पिल्लै ने कहा कि पुजारी ने कानूनी राय लेने के लिए उन्हें बुलाया था और उन्होंने कानूनी राय दी.  उन्होंने कहा कि कानूनी परामर्श के लिए उनके पास कई लोग आते हैं.हालांकि मुख्य पुजारी तंत्री कंदारारू राजीवरू ने मंदिर में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मामले में केवल वरिष्ठ तंत्री कंदारारू मोहनारू से विमर्श किया था. 

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