दू त्योहार नवरात्र देशभर में पूरी श्रद्धा से मनाया जा रहा है. डांडिया रास में डूबे युवा इसे लेकर खासे
उत्साहित हैं. 10 अक्टूबर से शुरू हुआ नवरात्र 18 अक्टूबर को खत्म होगा.
1398 में जिस वक्त तैमूर ने दिल्ली पर हमला किया था, उस वक्त भी नवरात्र चल रहे थे. उस हमले से नवरात्र पर कितना असर पड़ा ये तो किसी को नहीं पता. लेकिन मुमकिन है कि इसका कुछ असर तो ज़रूर हुआ होगा.
उस वक्त कालकाजी मंदिर और झंडेवालान में बड़े स्तर पर नवरात्र मनाया जाता था.
कहा जाता है कि झंडेवालान मंदिर 12वीं शताब्दी के दौरान पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल में बनाया गया था. राजा की बेटी ने इस इलाके में मंदिर का निर्माण करवाया था. तैमूर इसके 200 साल बाद दिल्ली आए थे.
तैमूर के करीब 341 साल बाद 9 मार्च 1739 को नादिर शाह ने चढ़ाई की थी. उस वक्त भी नवरात्र शुरू होने वाले थे. मोहम्मद शाह रंगीला और मुगल बादशाह का रुख़ काफ़ी धर्मनिरपेक्ष था. इन सभी मुस्लिम सम्राटों ने बसंत पंचमी, होली और दिवाली जैसे त्योहार मनाए थे.
नादिर शाह के आक्रमण के 100 साल बाद आए बहादुर शाह ज़फर, दाल और रसा (पूरियों के साथ) खाने के बहुत शौकीन थे. नवरात्र के मौके पर ये पकवान उन्हें चांदनी चौक के सेठ भेजा करते थे.
हिंदू त्योहारों में मुगल राजाओं की सहभागिता के कई ऐतिहासिक सबूत मिलते हैं. शाह आलम ने नवरात्र के मौके पर दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पुनर्निर्माण में मदद की थी. उनके उत्तराधिकारी अकबर शाह भी उनके नक्शे कदमों पर चले. अकबर के बेटे ने भी ऐसा ही किया. इसके बाद ब्रिटिश राज शुरू हुआ. टवारे के बाद नवरात्र को और ज़ोर शोर से मनाया जाने लगा. इससे पहले ये त्योहार प्राचीन मंदिरों में मनाया जाता था. लेकिन अब नवरात्र का त्योहार लोग अपने मौहल्लों में मनाने लगे हैं. लोग भंडारे करते हैं और ना सिर्फ भक्तों को बल्कि आस-पास से गुज़रने वाले हर व्यक्ति को खाना खिलाते हैं.
भंडारे में आम खाना नहीं होता. इसे बनाने वालों की भक्ति और भावनाएं इसे खास और अधिक स्वादिष्ट बना देती हैं. हालांकि भंडारे के खाने से लोगों के पेट खराब होने के भी कुछ मामले सामने आते हैं.
नवरात्र के दौरन छतरपुर में लगने वाला मेला खासा लोकप्रिय है. यहां होने वाले भंडारे में लोग लंबी-लंबी कतारे लगाए नज़र आते हैं. ये खाना हर तबके के लोगों के लिए मुफ्त होता है.
छतरपुर के मंदिर में देवी की मूर्ति सोने की है. इसी मंदिर के पास एक और मंदिर है. कहा जाता है कि ये काफ़ी पुराना मंदिर है. कुछ लोगों के मुताबिक ये मंदिर मुस्लिम शासकों के दौर में बना था.
दिल्ली के कालकाजी मंदिर को भी ऐतिहासिक बताया जाता है, हालांकि उसके सबसे पूराने हिस्से का निर्माण 1764 और 1771 में हुआ था.
नवरात्र महोत्सव के अलावा वहां हर मंगलवार देवी काली मां के सम्मान में एक मेला भी लगता है.
झंडेवालान में भी बहुत से मंदिर हैं. यहां भी देवी का एक बहुत पुराना मंदिर है. नवरात्र के मौके पर यहां लोग भारी भीड़ में आते हैं. एक दोपहर यहां 60 हज़ार लोग आए और 12 हज़ार ने भंडारा खाया.
दिल्ली के कनॉट प्लेस के नज़दीक मौजूद हनुमान मंदिर में भी मंगलवार और शनिवार को भक्तों का तांता लगता है. नवरात्र के दिनों में ब्राह्मणों और हलवाइयों की भी खूब कमाई होती है. लेकिन महंगाई और बढ़ते दामों के इस दौर में इनकी आमदनी पर भी असर पड़ा है.
आर्मी कोर्ट यह फ़ैसला 24 साल पुराने मामले में सुनाया है. साल 1994 में ऑल असम स्टूडेंट यूनियन से जुड़े पांच युवकों को फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया था.
इस साल एक चाय बागान के अधिकारी की हत्या के संदेह में कई को गिरफ़्तार किया गया था. जिसके कुछ दिन बाद पांच युवाओं को चरमपंथी क़रार देते हुए सैनिकों ने पांच युवाओं को फ़ेक एनकाउंटर में मार गिराया था.
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को एम्स से छुट्टी दे दी गई है. वो रविवार को एयर एंबुलेंस से गोवा लौट गए.
पर्रिकर का दिल्ली एम्स में पैन्क्रियाज़ से जुड़ी बीमारी का इलाज चल रहा था. ख़बरों के मुताबिक रविवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था.
इसके बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से गोवा ले जाया गया है. कुछ ख़बरों का यह भी दावा है कि उनकी स्थिति अब बेहतर है.
फ़िलहाल पर्रिकर अपने निजी आवास पर इलाज करा रह हैं.द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा है कि वायु प्रदूषण रोकने के लिए सोमवार से आपात कार्ययोजना लागू की जाएगी.
इसके तहत दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद ख़राब होने की स्थिति में विभिन्न क़दम उठाए जाएंगे.
योजना के तहत अगर वायु की गुणवत्ता 'मीडियम स्तर से ख़राब' होती है तो कचरा फेंकने वाली जगहों पर कचरा जलाना रोक दिया जाएगा और ईंट भट्ठी और उद्योगों के प्रदूषण पर लगाम लगाया जाएगा.
अगर हवा की गुणवत्ता 'बहुत ख़राब' होती है तो डीजल से चलने वाली जेनरेटर मशीनों का इस्तेमाल रोक दिया जाएगा.
वहीं अगर हवा की गुणवत्ता 'बहुत ज़्यादा ख़राब' होती है तो दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश रोक दिया जाएगा. साथ ही निर्माण गतिविधियों रोक दी जाएगी और स्कूल तक बंद करने के अतिरिक्त फ़ैसले लिए जा सकते हैं.
तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढोतरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तेल कंपनियों के मुखियाओं से मिलेंगे.
कुछ दिन पहले सरकार ने प्रति लीटर 2.50 रुपए की राहत दी थी. कई राज्यों ने भी वैट कम करते हुए अतिरिक्त 2.50 रुपए कम किए थे.
बावजूद इसके तेल की क़ीमत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशी और विदेशी तेल कंपनियों के चीफ़ एक्जीक्यूटिव से भी मिलेंगे.
सऊदी अरब के शाह सलमान और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तेयेप अर्दोआन फोन पर चर्चित पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की ग़ुमशुदगी पर चर्चा की है. दोनों नेताओं ने इस मामले की संयुक्त जांच पर भी बात की.
ख़ाशोज्जी दो अक्तूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास जाने के बाद से लापता हैं. अर्दोआन सऊदी अरब से ख़ाशोज्जी के बारे में अधिक जानकारी देने की मांग कर रहे हैं.
सऊदी अरब ने ख़ाशोज्जी की दूतावास के भीतर ही हत्या किए जाने के दावों का खंडन किया है. सऊदी के शाह ने तुर्की और सऊदी अरब के मज़बूत संबंधों का हवाला देते हुए कहा है कि कोई भी इन संबंधों में दरार नहीं पैदा कर सकता है.
विश्लेषकों का कहना है कि सऊदी शाह की ये टिप्पणी इस संटक के कूटनीतिक हल की कोशिशों का संकेत हैं. इसी बीच जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने जमाल ख़ाशोज्जी मामले की विश्वसनीय जांच किए जाने की मांग की है.
1398 में जिस वक्त तैमूर ने दिल्ली पर हमला किया था, उस वक्त भी नवरात्र चल रहे थे. उस हमले से नवरात्र पर कितना असर पड़ा ये तो किसी को नहीं पता. लेकिन मुमकिन है कि इसका कुछ असर तो ज़रूर हुआ होगा.
उस वक्त कालकाजी मंदिर और झंडेवालान में बड़े स्तर पर नवरात्र मनाया जाता था.
कहा जाता है कि झंडेवालान मंदिर 12वीं शताब्दी के दौरान पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल में बनाया गया था. राजा की बेटी ने इस इलाके में मंदिर का निर्माण करवाया था. तैमूर इसके 200 साल बाद दिल्ली आए थे.
तैमूर के करीब 341 साल बाद 9 मार्च 1739 को नादिर शाह ने चढ़ाई की थी. उस वक्त भी नवरात्र शुरू होने वाले थे. मोहम्मद शाह रंगीला और मुगल बादशाह का रुख़ काफ़ी धर्मनिरपेक्ष था. इन सभी मुस्लिम सम्राटों ने बसंत पंचमी, होली और दिवाली जैसे त्योहार मनाए थे.
नादिर शाह के आक्रमण के 100 साल बाद आए बहादुर शाह ज़फर, दाल और रसा (पूरियों के साथ) खाने के बहुत शौकीन थे. नवरात्र के मौके पर ये पकवान उन्हें चांदनी चौक के सेठ भेजा करते थे.
हिंदू त्योहारों में मुगल राजाओं की सहभागिता के कई ऐतिहासिक सबूत मिलते हैं. शाह आलम ने नवरात्र के मौके पर दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पुनर्निर्माण में मदद की थी. उनके उत्तराधिकारी अकबर शाह भी उनके नक्शे कदमों पर चले. अकबर के बेटे ने भी ऐसा ही किया. इसके बाद ब्रिटिश राज शुरू हुआ. टवारे के बाद नवरात्र को और ज़ोर शोर से मनाया जाने लगा. इससे पहले ये त्योहार प्राचीन मंदिरों में मनाया जाता था. लेकिन अब नवरात्र का त्योहार लोग अपने मौहल्लों में मनाने लगे हैं. लोग भंडारे करते हैं और ना सिर्फ भक्तों को बल्कि आस-पास से गुज़रने वाले हर व्यक्ति को खाना खिलाते हैं.
भंडारे में आम खाना नहीं होता. इसे बनाने वालों की भक्ति और भावनाएं इसे खास और अधिक स्वादिष्ट बना देती हैं. हालांकि भंडारे के खाने से लोगों के पेट खराब होने के भी कुछ मामले सामने आते हैं.
नवरात्र के दौरन छतरपुर में लगने वाला मेला खासा लोकप्रिय है. यहां होने वाले भंडारे में लोग लंबी-लंबी कतारे लगाए नज़र आते हैं. ये खाना हर तबके के लोगों के लिए मुफ्त होता है.
छतरपुर के मंदिर में देवी की मूर्ति सोने की है. इसी मंदिर के पास एक और मंदिर है. कहा जाता है कि ये काफ़ी पुराना मंदिर है. कुछ लोगों के मुताबिक ये मंदिर मुस्लिम शासकों के दौर में बना था.
दिल्ली के कालकाजी मंदिर को भी ऐतिहासिक बताया जाता है, हालांकि उसके सबसे पूराने हिस्से का निर्माण 1764 और 1771 में हुआ था.
नवरात्र महोत्सव के अलावा वहां हर मंगलवार देवी काली मां के सम्मान में एक मेला भी लगता है.
झंडेवालान में भी बहुत से मंदिर हैं. यहां भी देवी का एक बहुत पुराना मंदिर है. नवरात्र के मौके पर यहां लोग भारी भीड़ में आते हैं. एक दोपहर यहां 60 हज़ार लोग आए और 12 हज़ार ने भंडारा खाया.
दिल्ली के कनॉट प्लेस के नज़दीक मौजूद हनुमान मंदिर में भी मंगलवार और शनिवार को भक्तों का तांता लगता है. नवरात्र के दिनों में ब्राह्मणों और हलवाइयों की भी खूब कमाई होती है. लेकिन महंगाई और बढ़ते दामों के इस दौर में इनकी आमदनी पर भी असर पड़ा है.
असम में एक फ़ेक एनकाउंटर मामले में सेना के तीन अधिकारी और चार सैनिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.
सज़ा पाने वालों में सेना के पूर्व मेजर जनरल, दो कर्नल और सात सैनिक शामिल हैं.आर्मी कोर्ट यह फ़ैसला 24 साल पुराने मामले में सुनाया है. साल 1994 में ऑल असम स्टूडेंट यूनियन से जुड़े पांच युवकों को फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया था.
इस साल एक चाय बागान के अधिकारी की हत्या के संदेह में कई को गिरफ़्तार किया गया था. जिसके कुछ दिन बाद पांच युवाओं को चरमपंथी क़रार देते हुए सैनिकों ने पांच युवाओं को फ़ेक एनकाउंटर में मार गिराया था.
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को एम्स से छुट्टी दे दी गई है. वो रविवार को एयर एंबुलेंस से गोवा लौट गए.
पर्रिकर का दिल्ली एम्स में पैन्क्रियाज़ से जुड़ी बीमारी का इलाज चल रहा था. ख़बरों के मुताबिक रविवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था.
इसके बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से गोवा ले जाया गया है. कुछ ख़बरों का यह भी दावा है कि उनकी स्थिति अब बेहतर है.
फ़िलहाल पर्रिकर अपने निजी आवास पर इलाज करा रह हैं.द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा है कि वायु प्रदूषण रोकने के लिए सोमवार से आपात कार्ययोजना लागू की जाएगी.
इसके तहत दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद ख़राब होने की स्थिति में विभिन्न क़दम उठाए जाएंगे.
योजना के तहत अगर वायु की गुणवत्ता 'मीडियम स्तर से ख़राब' होती है तो कचरा फेंकने वाली जगहों पर कचरा जलाना रोक दिया जाएगा और ईंट भट्ठी और उद्योगों के प्रदूषण पर लगाम लगाया जाएगा.
अगर हवा की गुणवत्ता 'बहुत ख़राब' होती है तो डीजल से चलने वाली जेनरेटर मशीनों का इस्तेमाल रोक दिया जाएगा.
वहीं अगर हवा की गुणवत्ता 'बहुत ज़्यादा ख़राब' होती है तो दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश रोक दिया जाएगा. साथ ही निर्माण गतिविधियों रोक दी जाएगी और स्कूल तक बंद करने के अतिरिक्त फ़ैसले लिए जा सकते हैं.
तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढोतरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तेल कंपनियों के मुखियाओं से मिलेंगे.
कुछ दिन पहले सरकार ने प्रति लीटर 2.50 रुपए की राहत दी थी. कई राज्यों ने भी वैट कम करते हुए अतिरिक्त 2.50 रुपए कम किए थे.
बावजूद इसके तेल की क़ीमत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशी और विदेशी तेल कंपनियों के चीफ़ एक्जीक्यूटिव से भी मिलेंगे.
सऊदी अरब के शाह सलमान और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तेयेप अर्दोआन फोन पर चर्चित पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की ग़ुमशुदगी पर चर्चा की है. दोनों नेताओं ने इस मामले की संयुक्त जांच पर भी बात की.
ख़ाशोज्जी दो अक्तूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास जाने के बाद से लापता हैं. अर्दोआन सऊदी अरब से ख़ाशोज्जी के बारे में अधिक जानकारी देने की मांग कर रहे हैं.
सऊदी अरब ने ख़ाशोज्जी की दूतावास के भीतर ही हत्या किए जाने के दावों का खंडन किया है. सऊदी के शाह ने तुर्की और सऊदी अरब के मज़बूत संबंधों का हवाला देते हुए कहा है कि कोई भी इन संबंधों में दरार नहीं पैदा कर सकता है.
विश्लेषकों का कहना है कि सऊदी शाह की ये टिप्पणी इस संटक के कूटनीतिक हल की कोशिशों का संकेत हैं. इसी बीच जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने जमाल ख़ाशोज्जी मामले की विश्वसनीय जांच किए जाने की मांग की है.
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